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आदित्यहृदय स्तोत्रम् (वाल्मीकि रामायण युद्धकाण्ड - महर्षि अगस्त्य-श्रीराम संवाद सविस्तार सटीक)

आदित्यहृदय स्तोत्रम् (वाल्मीकि रामायण युद्धकाण्ड - महर्षि अगस्त्य-श्रीराम संवाद सविस्तार सटीक)

Aditya Hridaya Stotram with Hindi Meaning

महर्षि वाल्मीकि (गीताप्रेस गोरखपुर) द्वारा

DevanagariHindipublished32 पृष्ठ

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आदित्यहृदयस्तोत्रम् ५
हृदयादि अंगन्यास
ॐ रश्मिमते हृदयाय नमः। ॐ समुद्यते शिरसे स्वाहा।
ॐ देवासुरनमस्कृताय शिखायै वषट्। ॐ विवस्वते कवचाय
हुम्। ॐ भास्कराय नेत्रत्रयाय वौषट्। ॐ भुवनेश्वराय
अस्त्राय फट्। इस प्रकार न्यास करके निम्नांकित मन्त्रसे
भगवान् सूर्यका ध्यान एवं नमस्कार करना चाहिये—
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो
देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्। तत्पश्चात्
‘आदित्यहृदय’ स्तोत्रका पाठ करना चाहिये।