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आदित्यहृदय स्तोत्रम् (वाल्मीकि रामायण युद्धकाण्ड - महर्षि अगस्त्य-श्रीराम संवाद सविस्तार सटीक)

आदित्यहृदय स्तोत्रम् (वाल्मीकि रामायण युद्धकाण्ड - महर्षि अगस्त्य-श्रीराम संवाद सविस्तार सटीक)

Aditya Hridaya Stotram with Hindi Meaning

महर्षि वाल्मीकि (गीताप्रेस गोरखपुर) द्वारा

DevanagariHindipublished32 पृष्ठ

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आदित्यहृदयस्तोत्रम् ४
करन्यास
इस स्तोत्रके अंगन्यास और करन्यास तीन प्रकारसे किये
जाते हैं। केवल प्रणवसे, गायत्रीमन्त्रसे अथवा ‘रश्मिमते
नमः’ इत्यादि छः नाम-मन्त्रोंसे। यहाँ नाम-मन्त्रोंसे किये
जानेवाले न्यासका प्रकार बताया जाता है—
ॐ रश्मिमते अङ्गुष्ठाभ्यां नमः। ॐ समुद्यते तर्जनीभ्यां नमः।
ॐ देवासुरनमस्कृताय मध्यमाभ्यां नमः। ॐ विवस्वते
अनामिकाभ्यां नमः। ॐ भास्कराय कनिष्ठिकाभ्यां नमः।
ॐ भुवनेश्वराय करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः।