रसिकप्रिया (महाकवि केशवदास - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी व्याख्या, नायिका-भेद एवं शृंगार मनोविज्ञान)

रसिकप्रिया (महाकवि केशवदास - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी व्याख्या, नायिका-भेद एवं शृंगार मनोविज्ञान)
Rasikapriya: Nayika Bheda, Shringara Rasa evam Saundarya Manovigyan
by महाकवि केशवदास
DevanagariHindipublished286 pages
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२८६ रसिकप्रिया
छुवौ जनि हाथ ।५।१४ सू
छूटि जात केसव ।११।१
छोरि छोरि बाँधौ ।५।११
जगनायक की नायिका ।३।७४
जनी सहेली धाइ ।५।२४
जनी सहेली सोभहीं ।७।२६ सू
जब चितवै ।५।५
जहँ गुनगन ।८।२०
जहँ परिजन ।१४।१५
जहँ सिंगार ।१६।२
जहँ सुनियै ।१४।८
जहाँ दंपती ।१६।४
जहां न मानै ।६।१८
जहां लोभ तैं ।१०।७
जहाँ हँसहि ।१४।१२
जहीं रहीं दुरै ।१२।१०
जहीं सोक मंहि ।१६।६
जाको प्रीतम ।७।१६
जाति भई संग ।५।२१
जातु नहीं कद