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सर्वकोश
“मन के हारे हार है, मन के जीते जीत” — कबीर

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कबीर के दोहे

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत कहै कबीर हरि पाइए, मन ही की परतीत

अर्थ

मन से हार मान लो तो हार है और मन से जीत लो तो जीत है। प्रभु भी मन के विश्वास से ही मिलते हैं।

रोमन अक्षरों में

man ke haare haar hai, man ke jite jit kahai kabir hari paaie, man hi ki partit

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