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सर्वकोश
“करता था तो क्यूँ रहया, अब करि क्यूँ पछिताय” — कबीर

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कबीर के दोहे

करता था तो क्यूँ रहया, अब करि क्यूँ पछिताय बोवै पेड़ बबूल का, आम कहाँ ते खाय

अर्थ

जब बुरे काम कर रहे थे तब क्यों नहीं रुके, अब क्यों पछताते हो? बबूल का पेड़ बोकर आम कहाँ से खाओगे।

रोमन अक्षरों में

karta tha to kyun rahya, ab kari kyun pachhitaay bovai ped babul ka, aam kahaan te khaay

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