सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
“कबीर सब जग निरधना, धनवंता नहिं कोय” — कबीर

पृष्ठभूमि चुनें

कबीर के दोहे

कबीर सब जग निरधना, धनवंता नहिं कोय धनवंता सोई जानिये, राम नाम धन होय

अर्थ

सारा संसार निर्धन है, कोई सच्चा धनी नहीं। धनी वही है जिसके पास राम नाम का धन है।

रोमन अक्षरों में

kabir sab jag niradhna, dhanvanta nahin koy dhanvanta soi jaaniye, raam naam dhan hoy

0