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सर्वकोश
“कबीर पढ़िबा दूरि करि, पुस्तक देइ बहाइ” — कबीर

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कबीर के दोहे

कबीर पढ़िबा दूरि करि, पुस्तक देइ बहाइ बावन आखर सोधि करि, ररै ममै चित लाइ

अर्थ

केवल पढ़ना छोड़ो और किताबों को बहा दो। बावन अक्षरों में से 'र' और 'म' चुनकर राम में मन लगाओ।

रोमन अक्षरों में

kabir padhiba duri kari, pustak dei bahaai baavan aakhar sodhi kari, rarai mamai chit laai

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