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सर्वकोश
“बैद मुआ रोगी मुआ, मुआ सकल संसार” — कबीर

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कबीर के दोहे

बैद मुआ रोगी मुआ, मुआ सकल संसार एक कबीरा ना मुआ, जेहि के राम अधार

अर्थ

वैद्य भी मरा, रोगी भी मरा, सारा संसार मरता है। पर जिसका आधार राम है, वह भक्त कभी नहीं मरता।

रोमन अक्षरों में

baid mua rogi mua, mua sakal sansaar ek kabira na mua, jehi ke raam adhaar

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