योगतारावली (आदि शङ्कराचार्य - अमनस्क दशा, नादानुसन्धान एवं राजयोग रहस्य सटीक)
Yogataraavali of Adi Shankaracharya with Commentary
आदि शङ्कराचार्य (व्याख्याकार: डॉ. रामशङ्कर भट्टाचार्य) द्वारा
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योगतारावली तथा उसकी व्याख्या में प्रयुक्त प्रमुखशब्दों की सूची
( शब्द के बाद दी गई संख्या ग्रन्थगत श्लोक की संख्या है )
अजाड्यनिद्रा .... २४ उरगाङ्गना (कुण्डलिनी) .... ६
अनाहत ( चक्र ) .... ९ ओड्डयानबन्ध .... ५,६
अनाहत ( पद्म ) .... ३ कर्मजाल .... २५
अन्यभाव .... २३ कालपाश .... ५,६
अपानवायु .... ७ कुण्डलिनी (उरगाङ्गना) .... ६
अमनस्क .... २२ कुण्डली .... १२
अमनस्कमुद्रा .... २१ कुम्भ ( कुम्भक ) .... ३,१०
अमृतधारा कुम्भोत्तम .... १०
(पीयुषधारा) .... ७ केवलकुम्भक .... १०,११,१२
अर्धनिमीलितनेत्र .... २१ केवलकुम्भरूपा विद्या .... ८,९
अवधान .... १९ केवलसंविद् .... १६
अविद्या .... २७ ख .... ११
अहंममत्व .... १६ खग .... २८
आकुञ्चन .... ७ गगनावशेष .... २२
आत्मसुखावबोध .... १ गन्धवाह ( वायु ) .... ६
आधार (मूलाधार) .... ७ गात्र .... २८
आलम्ब .... २० गिरिप्रस्रवण .... २९
इडापिङ्गलानाडी .... ११ गुरु .... १
इन्द्रियनिवृत्ति .... २३ चन्द्रमाः .... ७
इन्द्रियवृत्ति .... १३ चरणारविन्द .... १
उड्डियानबन्ध .... ५,६ चितबन्ध् .... १४
उदासीनदृश् .... १९ चेतः .... २०
उन्मनी अवस्था .... १६ जगत् .... २७
उन्मेषनिमेषशून्य (नेत्र) .... १७ जागर .... १५