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सर्वकोश
योगतारावली (आदि शङ्कराचार्य - अमनस्क दशा, नादानुसन्धान एवं राजयोग रहस्य सटीक)

योगतारावली (आदि शङ्कराचार्य - अमनस्क दशा, नादानुसन्धान एवं राजयोग रहस्य सटीक)

Yogataraavali of Adi Shankaracharya with Commentary

आदि शङ्कराचार्य (व्याख्याकार: डॉ. रामशङ्कर भट्टाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished52 पृष्ठ

पृष्ठ 48, कुल 52 में से

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परिशिष्ट

योगतारावली तथा उसकी व्याख्या में प्रयुक्त प्रमुखशब्दों की सूची

( शब्द के बाद दी गई संख्या ग्रन्थगत श्लोक की संख्या है )
अजाड्यनिद्रा .... २४   उरगाङ्गना (कुण्डलिनी) .... ६
अनाहत ( चक्र ) .... ९   ओड्डयानबन्ध .... ५,६
अनाहत ( पद्म ) .... ३   कर्मजाल .... २५
अन्यभाव .... २३   कालपाश .... ५,६
अपानवायु .... ७   कुण्डलिनी (उरगाङ्गना) .... ६
अमनस्क .... २२   कुण्डली .... १२
अमनस्कमुद्रा .... २१   कुम्भ ( कुम्भक ) .... ३,१०
अमृतधारा   कुम्भोत्तम .... १०
(पीयुषधारा) .... ७   केवलकुम्भक .... १०,११,१२
अर्धनिमीलितनेत्र .... २१   केवलकुम्भरूपा विद्या .... ८,९
अवधान .... १९   केवलसंविद् .... १६
अविद्या .... २७   ख .... ११
अहंममत्व .... १६   खग .... २८
आकुञ्चन .... ७   गगनावशेष .... २२
आत्मसुखावबोध .... १   गन्धवाह ( वायु ) .... ६
आधार (मूलाधार) .... ७   गात्र .... २८
आलम्ब .... २०   गिरिप्रस्रवण .... २९
इडापिङ्गलानाडी .... ११   गुरु .... १
इन्द्रियनिवृत्ति .... २३   चन्द्रमाः .... ७
इन्द्रियवृत्ति .... १३   चरणारविन्द .... १
उड्डियानबन्ध .... ५,६   चितबन्ध् .... १४
उदासीनदृश् .... १९   चेतः .... २०
उन्मनी अवस्था .... १६   जगत् .... २७
उन्मेषनिमेषशून्य (नेत्र) .... १७   जागर .... १५