बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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३. जिसकी ध्वनि मोर के समान हो उसका धनी पुरुष से विवाह होता है ।
४. फटे बांस सी आवाज रखने वाली स्त्री दुखी होती है ।
५. घरघराहट सी आवाज वाली स्त्री दुखी होती है ।
विशेष तथ्य : (स्त्रियों के लिए)
१. लम्बी और काली पुतली लिये हुए जिस स्त्री की आंख हो वह श्रेष्ठ
होती है ।
२. छोटे छोटे और काले बालों वाली पलक जिस स्त्री के हों वह सौभाग्य-
शाली होती है :
३, हरिण के समान नैन वाली स्त्री शुभ लक्षण वाली मानी गई हैं ।
४. गोल या बिल्ली की तरह आंख रखने वाली स्त्री कुटिल होती है ।
५. जिस स्त्री की दोनों आंखें पीली होती हैं वह कामातुर होती है ।
६. जिस स्त्री के दोनों नेत्र ललायी लिये हों वह पर-पुरुष के साथ विचरण
करने वाली होती है ।
७. जिस स्त्री के नेत्र जल से भरे हुए होते हैं वे शुभ कहलाते हैं ।
८. जो स्त्री देखते समय आंख फाड़ती हो वह कुटिल स्वभाव की होती है ।
९. पुरुष के समान आंख वाली या धंसे हुए नेत्र वाली स्त्री चंचल होती है ।
१०. जो स्त्री बात करते समय बाई आंख दबाती है वह व्यभिचारिणी होती
है ।
११. जो बात करते समय दाहिनी आंख दबाती हो वह कम सन्तान वाली
होती है ।
१२. कमानीदार भौहें रखने वाली स्त्री शुभ मानी गई है ।
१३. खुरदरे बालों वाली भौहें अशुभ होती हैं ।
१४. जिन स्त्रियों की भौहें न हों, वे निर्धन होती हैं ।
१५. जिनकी भौहें मोटी हो वे पर पुरुष में रत रहती हैं ।
१६. जिस स्त्री के भौहों के बाल बड़े-बड़े हों वह सन्तान-हीन होती है ।
१७. जिस स्त्री के बायें गाल पर मस्सा या तिल होता है वे श्रेष्ठ कही
जाती हैं ।
१८. कण्ठ पर तिल हो उसके पहला पुत्र होता है ।
१९. जिसके नख सुन्दर हों वह दयालु होती है ।
२०. जिसके नेत्र लम्बे चौड़े हों तथा चौड़ी छाती एवं पतली कमर हो वह
समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त करती हैं ।
२१. जिस स्त्री की लम्बी और पतली उंगलियां हों वह दीर्घायु होती है ।