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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( ३१६ )
गर्दन :
१. छोटी गर्दन वाला भाग्यशाली होता है ।
२. गोल और मजबूत गर्दन वाला व्यक्ति धनवान होता है ।
३. शंख के समान गर्दन वाला व्यक्ति राजा होता है ।
४. भैंसे के समान मोटी गर्दन वाला व्यक्ति बलवान होता है ।
५. बैल के समान गर्दन वाला व्यक्ति अल्पायु होता है ।
६. लम्बी गर्दन वाला व्यक्ति भोगी होता है ।
७. टेढी गर्दन वाला चुगलखोर होता है ।
८. लम्बी और चपटी गर्दन वाला दुःखी होता है ।
६. मांसहीन गर्दन निर्धनता की सूचक है ।
१०. चार अंगुल वाली गर्दन सबसे श्रेष्ठ मानी गई है तथा गर्दन का घेरा
२४ से २६ अंगुल का अत्यन्त श्रेष्ठ होता है ।
११. बड़ी-बड़ी हड्डियों से युक्त गर्दन निर्धनता की सूचक होती है ।
१२. यदि स्त्रियों के गले का मणियां सीधा हो तो वह दीर्घायु होती है ।
१३. यदि गले की गुटकी ऊंची हो तो वह सौभाग्यदायी होती है ।
१४. मांस से भरी हुई सुन्दर गर्दन श्रेष्ठता की सूचक होती है ।
१५. तीन रेखाओं से युक्त गर्दन वाली स्त्री धनी होती है ।
१६. जिस स्त्री के गले में हड्डियां दिखाई देती हों वे दुर्भाग्य युक्त होती हैं ।
१७. मोटी गर्दन वाली स्त्री विधवा होती है ।
१८. जिसके गले में नाड़ियां दिखाई देती हों वे दरिद्री होती हैं ।
१९. जिस स्त्री की गर्दन बहुत अधिक लम्बी हो वह कुल का नाश करने
वाली मानी जाती है ।
२०. जिसकी गर्दन सुन्दर, सुडौल चार अंगुल वाली हो वह श्रेष्ठ होती है ।
चिबुक : (ठोढ़ी)
१. यदि चिबुक गोल या मांस से भरी हो तो वह धनवान होता है ।
२. लम्बी पतली और दुबली चिबुक दरिद्रता की सूचक होती है ।
३. यदि जबड़े गोल हों तो शुभ कहे जाते हैं ।
४. यदि ठोढ़ी का अग्रभाग सुन्दर और कोमल हो तो शुभ है ।
५. यदि ठोढ़ी के आगे के भाग में ललाई दिखाई दे तो अशुभ होता है ।
६. यदि स्त्री की चिबुक दो उंगुली की मांसल तथा सुन्दर हो तो वह
सौभाग्यशाली स्त्री होती है ।
७. रोम युक्त चिबुक रखने वाली स्त्री दुराचारिणी होती है ।