बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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१०. यदि मंगल रेखा के बाई ओर तिल हो तो ऐसा व्यक्ति लड़ाई झगड़ा
करने वाला तथा बहादुर होता है । लाल और काले तिल का एक ही फल समझना
चाहिए ।
११. यदि सूर्य रेखा के दाहिनी ओर तिल हो तो वह व्यक्ति जमीन, जायदाद
आदि से लाभ उठाता है ।
१२. यदि सूर्य रेखा के मध्य मे तिल हो तो वह व्यक्ति वैभव सम्पन्न सुखी
तथा यशस्वी होता है।
१३. यदि सूर्य रेखा के बाईं ओर तिल हो तो उसका गृहस्थ जीवन बराबर
समस्या-प्रधान बना रहेगा ।
१४. यदि शुक्र रेखा के दाहिनी ओर काला या लाल तिल हो तो उनका
दाम्पत्य जीवन अत्यन्त सुखी माना जाता है।
१५. यदि ललाट में शुक्र रेखा के ऊपर लाल या काला तिल हो तो वह
व्यक्ति भौतिक दृष्टि से पूर्ण सुखी व सम्पन्न होता है ।
१६. यदि शुक्र रेखा के बाईं ओर काला तिल या लाल तिल हो तो ऐसा
व्यक्ति कामी या पर-स्त्री-गामी होता है ।
१७. यदि बुध रेखा के दाहिनी ओर काला या लाल तिल हो तो वह व्यक्ति
सफल व्यापारी होता है ।
१८. यदि बुध रेखा के मध्य में तिल हो तो ऐसे व्यक्ति दूरदर्शी तथा सम्पन्न
होते हैं।
१९. यदि बुध रेखा के बांईं ओर काला या लाल तिल हो तो ऐसा व्यक्ति
डरपोक कायर तथा अपना काम स्वयं बिगाड़ने वाला माना जाता है।
२०. यदि चन्द्र रेखा के दाहिनी ओर तिल हो तो ऐसा व्यक्ति समाज में
यशस्वी और आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न होता है ।
२१. यदि चन्द्र रेखा पर लाल या काला तिल का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति
अल्पायु होता है और उसे गुप्त रोग रहते हैं ।
२२. यदि चन्द्र रेखा के बाईं ओर लाल या काले तिल का चिह्न हो तो ऐसा
व्यक्ति दूसरो को तकलीफ देने वाला होता है ।
२३. यदि बायें कान के ऊपर कनपटी पर तिल हो तो उनका पूरा जीवन
दुखमय व्यतीत होता है ।
२४. यदि बायें नेत्र की भौंहों के पास में तिल हो तो ऐसा व्यक्ति एकान्त-
बासी तथा सामान्य जीवन निर्वाह करने वाला होता है ।