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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 312, कुल 350 में से

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पृष्ठ 312

( ३११ )
गुरु रेखा :
यदि यह सीधी हो तो वह व्यक्ति ईमानदार होता है और टेढ़ी-मेढ़ी या टूटी
हुई हो तो वह अनैतिक कार्य करने वाला होता है ।
मंगल रेखा :
यदि यह रेखा सीधी हो तो वह व्यक्ति प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्त करने ·
वाला होता है। और यदि यह टेढ़ी-मेढ़ी हो तो वह प्रत्येक कार्य में असफल व्यक्ति
माना जाता है ।
सूर्य रेखा :
यदि यह रेखा सीधी हो तो व्यक्ति बुद्धिमान तथा जीवन में सफलता प्राप्त
करने वाला होता है । और यदि-टेढ़ी मेढ़ी हो तो लोभी लालची और कंजूस
होता है ।
चन्द्र रेखा :
यदि यह रेखा सीधी हो तो वह बुद्धिमान, चतुर तथा सूक्ष्मदर्शी होता है
परन्तु यदि यह टेढ़ी-मेढ़ी हो तो कमजोर दिमाग वाला माना जाता है ।
शुक्र रेखा :
यदि यह रेखा सीधी हो तो पुरुष सत्य पथ पर चलने वाला तथा समस्त प्रकार
के सुखों को भोगने वाला होता है । तथा इसके विपरीत यह रेखा टेढ़ी-मेढ़ी हो तो
वह व्यक्ति प्रेम के क्षेत्र में बदनाम होता है ।
बुध रेखा :
यदि यह रेखा सीधी हो तो वह सफल भाषण देने वाला तथा सामने वाले
लोगों को प्रभावित करने वाला होता है । इसके विपरीत यदि यह रेखा टेढ़ी-मेढ़ी हो
तो वह व्यक्ति असत्यवादी तथा धोखा देने वाला होता है ।
१. यदि ललाट में त्रिशूल का चिह्न हो तो वह दीर्घायु होता है ।
२. जिसके ललाट में सीप का चिह्न होता है वह अध्यापक तथा आदर्श व्यक्ति
होता है ।
३. जिसके ललाट में नीली नसें दिखाई देती हों वे पापी होते हैं ।
४. यदि ललाट में स्वस्तिक का चिह्न दिखाई दे तो वह करोड़पति होता है ।
५. जिसकी ललाट छोटी होती है वे मन्द बुद्धि तथा धनहीन होते हैं ।
६. जिसकी ललाट ऊंची होती है वे राजा के समान जीवन व्यतीत करते हैं ।