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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 304, कुल 350 में से

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पृष्ठ 304

( ३०३ )
पारिजात योग :
परिभाषा : जिसके दाहिने हाथ में तीन उंगलियों
पर शंख के चिह्न दिखाई दें तो पारिजात योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वे व्यक्ति
अपने जीवन के मध्य काल में और वृद्धावस्था में विशेष सुख
प्राप्त करते हैं । अपने अधिकारियों से लाभ उठाते हैं, तथा
उच्च पद प्राप्त करते हैं । ऐसे व्यक्ति सामाजिक रीति रिवाजों
तथा रूढ़ियों का कट्टरता के साथ पालन करते हैं ।
पारिजात योग
गज योग :
परिभाषा : जिसके दोनों हाथों में पांच शंख तथा
तीन चक्र के चिह्न हों तो गज योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति
पशु पालक होता है । पशुओं के लेन देन अथवा कृषि कार्यों से
वह सम्पन्न होता है तथा आनन्द पूर्वक जीवन व्यतीत करता
है ।
गज योग
नवेश योग :
परिभाषा : जिसके दोनों हाथों में मिलाकर पांच
चक्र तथा तीन शंख के चिह्न हों तो नवेश योग होता है ।
फल : इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति दीर्घायु
धन-वान, गुण-वान, चतुर, एवं प्रबल भाग्योदय वाला होता
है । इसे जीवन में कई बार आकस्मिक धन प्राप्ति होती
रहती है ।
टिप्पणी : शंख और चक्र के चिह्न हाथों की उंग-
लियों के अन्तिम सिरों पर ही देखने चाहिए ।
नवेश योग