बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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चिकित्सक योग :
परिभाषा : यदि दोनों हाथों में बुध पर्वत विकसित
हों तथा उस पर तीन खड़ी रेखाएं हों तो चिकित्सक योग
होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह कुशल वैद्य
अथवा श्रेष्ठ डाक्टर होता है ।
(चित्र: चिकित्सक योग)
सैनिक योग :
परिभाषा : यदि दोनों हाथों में मंगल पर्वत पर त्रिकोण
का चिन्ह हो तो उपर्युक्त योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह सेना में
उच्च पद को प्राप्त करने में सफल होता है ।
(चित्र: सैनिक योग)
साहित्यिक योग :
परिभाषा : यदि गुरु पर्वत चन्द्र पर्वत तथा सूर्य
पर्वत विकसित हों एवं चन्द्र रेखा बुध पर्वत तक जाती हो तो
यह योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह एक
सफल साहित्यकार होता है ।
टिप्पणी : विद्वानो ने इसके अलावा निम्न लिखित
योगों को भी साहित्यिक योग माना है ।
१. यदि तर्जनी उंगली के ऊपरी सिरेपर क्रॉस का चिह्न
हो ।
२. यदि बुध पर्वत पर तारे का चिह्न हो ।
३. यदि मणिबन्ध से सूर्य पर्वत तक सीधी रेखा जाती हो ।
(चित्र: साहित्यिक योग)