बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
पृष्ठ 215, कुल 350 में से
संदर्भ में पढ़ें( २१४ )
बराबर बना रहता है। यद्यपि वह जीवन में लाखों कमाता है परन्तु उसका व्यय
बढ़ा-चढ़ा होने के कारण लाखों खर्च भी कर डालता है। एक प्रकार से देखा जाय
तो ऐसे व्यक्ति के जीवन में बैंक बैलेंस नहीं के बराबर होता है। इतना होने पर भी
समाज में उसका सम्मान होता है तथा कई व्यक्ति उसके आदर्शों का अनुकरण करते हैं।
भास्कर योग :
परिभाषा : यदि हथेली में सूर्य रेखा का बुध रेखा से सम्बन्ध हो, बुध रेखा
का चन्द्र रेखा से सम्बन्ध हो तथा गुरु पर्वत एवं गुरु रेखा अपने
आप में स्पष्ट दीर्घ एवं पुष्ट हो तो भास्कर योग बनता है।
फल : भास्कर योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति
आर्थिक दृष्टि से पूर्ण सफल होता है। जीवन में उसे भौतिक
दृष्टि से किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती। वह एक से
अधिक कलाएं जानता है जिसकी वजह से उसके आय के स्रोत
भी एक से अधिक होते हैं। शारीरिक दृष्टि से ऐसा व्यक्ति
पुष्ट तथा प्रभावपूर्ण व्यक्तित्व लिये हुए होता है। शत्रु इससे
भयभीत रहते हैं तथा मित्र बनाने की कला में यह विशेष चतुर
[भास्कर योग] होता है। साहित्य, संगीत, कला आदि में यह व्यक्ति रुचि रखने
वाला होता है। तथा कलाकारों को धन एवं सहायता देकर समाज में यश, सम्मान
तथा वाहवाही भी लूटता है। ऐसे व्यक्ति के पास एक प्रकार से चुम्बकीय आकर्षण
होता है। जिसकी वजह से उसके जीवन में पुरुष मित्र एवं महिला मित्रों की कोई
कमी नहीं रहती।
टिप्पणी :—इस योग में गुरु सूर्य, बुध, तथा चन्द्र पर्वत पूर्ण विकसित होने
चाहिए, साथ ही साथ सूर्य रेखा तथा बुध रेखा अपने आप में निर्दोष होकर आपस में
मिलती हो। इसी प्रकार चन्द्र रेखा से बुध रेखा का सम्बन्ध बनता हो परन्तु चन्द्र
रेखा का सूर्य रेखा से सम्बन्ध होना उचित नहीं होता।
गन्धर्व योग :
परिभाषा :—यदि दाहिने हाथ तथा बायें हाथ की
हथेलियों में शुक्र पर्वत पूर्ण विकसित हो तथा उन पर वर्ग का
चिह्न हो, साथ ही सूर्य पर्वत एवं सूर्य रेखा पुष्ट एवं स्पष्ट हो
तो गंधर्व योग होता है।
फल :—जिसके हाथ में गंधर्व योग होता है वह व्यक्ति
प्रसिद्ध गायक, अथवा संगीतकार होता है। ऐसे व्यक्ति अपना
पूरा जीवन कला की साधना में लगा देते हैं और इस क्षेत्र में
पूर्ण सफलता प्राप्त करते हैं। कला के माध्यम से ये व्यक्ति [गंधर्व]