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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 200, कुल 350 में से

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पृष्ठ 200

( १६६ )
१३. साहित्यकार :
जिस व्यक्ति की हथेली में गुरु पर्वत तथा चन्द्र पर्वत
पूर्ण उभार लिये हुए हो तथा सूर्य की उंगली तर्जनी से लम्बी
हो और उंगलियों में गांठें नहीं हों तो वह व्यक्ति एक सफल
साहित्यकार होता है ।
इसके साथ ही साथ सूर्य रेखा यदि लम्बी हो, निर्दोष
हो तथा सूर्य पर्वत अपने स्थान पर हो तो वह लेखन के
माध्यम से प्रसिद्धि प्राप्त करता है ।
यदि ऊपर लिखे गुण हों और चन्द्र रेखा धनुष
रूप में होकर बुध पर्वत की ओर आ रही हो तो वह
व्यक्ति एक सफल कवि होता है ।
इसके साथ ही साथ यदि भाग्य रेखा तथा मस्तिष्क
रेखा पूर्ण विकसित एवं स्पष्ट हो तो वह व्यक्ति निश्चय ही
अपने क्षेत्र में यश, सम्मान, तथा प्रसिद्धि प्राप्त करता है ।
साहित्यकार
१४. अभिनेता अभिनेत्री :
यदि हाथ की सभी उंगलियां कोमल तथा ढलवीं हों
तथा सूर्य की उंगली विशेष लम्बी हो तथा ऊपर से नौकदार
हों तथा मस्तिष्क रेखा एवं भाग्य रेखा पूरी लम्बाई
लिये हो तो वह व्यक्ति सफल अभिनेता या अभिनेत्री
होती है ।
यदि सूर्य रेखा विशेष रूप से सुन्दर, लम्बी, स्पष्ट,
मुलायम और निर्दोष रूप से लम्बाई लिये हुए हो तो वह
अद्वितीय कलाकार होता है ।
यदि सूर्य रेखा पर नक्षत्र का चिह्न हो तो वह कला-
कार या अभिनेत्री विश्वविख्यात होती है ।
अभिनेता