सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

पृष्ठ 438, कुल 442 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 438

( ३५५ )
पृ० पंक्ति अशुद्ध शुद्ध
१६६ १७ अगारक सागारक
१६८ २६ मृगघूर्त मृगधूर्त
१७० १४ घी की
१७० २१ पण्डित मण्डित
१७१ २५ आयुभूति वायुभूति
१७२ २ प्रभात प्रभास
१७३ २३ महान सत्व महानसत्व
१७६ २३ घडी घड़ी
१७९ ६ कोटि पर्यन्त कटिपर्यन्त
१८१ १२ द्रव्य द्रव्य व्यय
१८६ १७ निभेदन निवेदन
१८७ ७ निकलने निकालने
१८७ २५ पार्ननाथ पार्श्वनाथ
२०८ २२ वत्स देग वज्ज देश
२१० १५ गगादत्त गंगदत्त
२१५ ९ उत्तदश उत्तम दश
२१६ २७ दृश्य व्यय द्रव्य व्यय
२१७ ३ के को
२२१ २० मुरगल उरंगल
२२२ ११ अस्तालकार हस्तालकार
२२४ १५ पोल्लराज प्रोल्लराज
२२५ ८ अपराध आराधन
२२९ ८ ॰की ॰को
२३२ २ ॰तूर्वक ॰पूर्व
२३४ ५ पूर्व काल मे पूर्वकाल मे लका-
पुरी से