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सर्वकोश
विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

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पृष्ठ 435

Here is the line-by-line transcription of the Tibetan–Sanskrit glossary page (भोट-संस्कृत-शब्दसूची) from Vasubandhu's Vijñaptimātratāsiddhiḥ (Triṃśikā):


[ ५६ ]
क्र० | कारिका | भोटभाषा | संस्कृत
१ | १ | ཀྱེ་ | —
२ | १ | ཀྱེ་མ་ | कष्टम्
३ | २ | ཀུན་འགྲོ་ | सर्वत्रग
४ | २ | ཀུན་གཞི་ | आलय
५ | २० | ཀུན་བརྟགས་ | परिकल्पित
६ | २१ | ཀུན་བརྟགས་པའི་ངོ་བོ་ཉིད་ | परिकल्पितस्वभाव
७ | १८ | ཀུན་ཏུ་ | सर्वत्र
८ | १९ | ཀུན་ནས་ஞོན་མོངས་ | संक्लेश
९ | ३ | ཀུན་ཏུ་འགྲོ་ | सर्वत्रग
१० | २ | ཀུན་ས་བོན་ | सर्वबीजक
११ | १५ | ཀྱང་ | अपि
१२ | १८ | ཀྱང་ | च