विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविशेष नामसूची ३४१
मोरियपुत्र (गणधर) १७०, १७१, यक्षा १५५
१७२, १७४ यक्षदत्ता १५५
मौर्य वंश ८८, १५५, युधिष्ठिर ८४, ८७, ११९
मोरिय संनिवेश १७० युगादिनाथ २१,
मोहडवासक मडल २०२ योगिनीपुर १०३, २१४,
मगु (आर्य) ४१, ४२ युगादीश २
मगलपुर १३२, युगादिदेव चैत्य ३५, ९७
मडलींक राणा ६७
मडली नगरी १७९ —र—
मडित (गणधर) १७०, १७१, रणसिंह (राजपुत्र) २३६
१७२, १७४ रत्न (श्रावक) १५, १९
मडोवर (नगर) ६२ रत्नपुर
मदाकिनी ३४, ३५ रत्नमालपुर ३२
मदोदरी २३१, २३२ रत्नवाह (पुर) ४ ७३, १९४
मदोदरी देहरासर १९२ रत्नशेखर ३२
मु गथला १७५ रथनेमि १५
य रत्नादित्य ११५
यदुवश २४ रत्नाशय (देश) ४६
यमुनानदी ३७, १९३, रहमान ६६
यमुनाह्रद १९४ रघु २४
यवन १६८ रघुवश ५३
यशोधर ९३ राजिमती (प्रतिमा) १०
यशोभद्रसूरि ११८ राजगृह (नगर) ४, ५०, ७७, ११६,
यशोमित्र ९, १४८, १६०, १६४, १६७, १७०,
यक्ष सेठ ११४ १९५, २७
यादव (वश) ७, २४, २५, ११९, राजधानी वाराणसी १६८
१२० राजप्रासाद १०