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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

इधर देखिये
आनन्द मन्दिर का प्रथम भाग आपके सामने है दूसरा भाग
इससे अधिक उपयोगी और लाभदायक होगा ।
दूसरे भाग का भी मूल्य ७॥) साढ़े सात रुपया है परन्तु
दोनो भाग एक साथ लेने मे दस रुपये मे भेजा जावेगा और
जो सज्जन अभी से दूसरे भाग का ग्राहक होगे उन्हे ५) पांच ही
रुपये मे दूसरा भाग भेजा जावेगा ।
जिन सज्जनो की सेवा मे प्रथम भाग पहुँच चुका है वे
अभी से दूसरे भाग के ग्राहको मे नाम लिखाले तो उन्हें पाच
रुपये मे ही भेजा जावेगा । देरी से ग्राहक होने से विकजाने
पर हम किसी मूल्य मे भी दूसरा भाग न देसकेगी दूसरा भा
प्रथम भागसे वड़ा है दूसरी वार छपने मे देरी होगी ।
हमारा दोष नहीं है
प्रथम भाग के ग्राहक फिर इस वात की शिकायत न करे
कि हमे दूसरा भाग नही मिला क्योकि इस अमूल्य ग्रन्थ का
दूसरा भाग नवयुवक स्त्री पुरुषो के लिये तथा युवावस्था मे अधिक
तथा अनियम रति क्रिया से शक्ति हीन वृद्ध पुरुषों के लिये भी
यह अमूल्य ग्रन्थ अमृत का काम देगा। इस लिये जवान और
बुड्ढे सभी प्रकार के स्त्री पुरुषा के लिये आनन्द मन्दिर का दूसरा
भाग अमूल्य और दुर्लभ ग्रन्थ सावित होगा ।
पताः-यशोदादेवी आयुर्वेदिक स्त्री औषधालय
पोष्ट वक्स नं० ४ कर्नलगंज इलाहाबाद

कर्नलगंज इलाहाबाद की
भारत विख्यात श्रीमती यशोदादेवी का
स्त्रीशिक्षा पुस्तकालय
यशोदादेवी कृत स्त्रीशिक्षा की उपयोगी पुस्तकें
यदि आप अपने घर की स्त्रियों, पुत्रियों और पुत्र वधुओं
को धार्मिक-गृहणी, आदर्श माता, सुशीला-गृह, चतुर-कन्या,
धीर, विदुषी और पतिव्रता स्त्रियों का आदर्श बनाना चाहते हैं,
तो श्रीमती यशोदादेवी कृत स्त्री-शिक्षा की कुल पुस्तकें या
जिनकी जरूरत हो मंगाकर पढ़ाइये और सुनाइये स्त्री-उपयोगी
कोई विषय ऐसा नहीं जिस विषय की पुस्तकें इन पुस्तकों में
मौजूद न हों एक बार मंगाकर परीक्षा कीजिये ।
श्रीमती यशोदादेवी ने स्त्री जाति के कल्याण के लिये उनमें
धर्म भाव भरने के लिये स्त्रियों की आरोग्यता के लिये वर्षों तक
अनेक वैद्यक ग्रन्थों और धार्मिक शास्त्रादि ग्रन्थों का मथन कर
बड़े परिश्रम से इन पुस्तकों को तैयार किया है ।
मैनेजर स्त्रीशिक्षा पुस्तकालय कर्नलगंज प्रयाग

( २ )
दम्पति आरोग्य शास्त्र जीवन शास्त्र रतिशा
रतिक्रिया की वैद्यक विधि
असली कोकशास्त्र
सिर्फ़ प्रचार के लिये थोड़े समय तक
२) दो रुपया मूल्य का अमूल्य ग्रन्थ
१-) एक रुपया एक आने में
‘ इस ग्रन्थ के अधिक प्रचार के लिये मूल्य कम कर
गया है क्योंकि रतिक्रिया की वैद्यक विधि न जानने से, अ
रतिक्रिया करने से स्त्री पुरुष अनेक प्रकार के रोगों में ग्र
हैं, सैकडा पीछे निन्यानवे स्त्रियां और पुरुष रोगी पाये जा
श्रीमती यशोदादेवी ने इसे वैद्यकशास्त्र को खोज कर बनाय
इस पुस्तक को पढ़ सुनकर पुरुष रतिक्रिया की वैद्यक
जानकर रतिक्रिया करने से स्त्री पुरुष दोनों, मनुष्य जीव
सच्चा सुख प्राप्त करेंगे, कभी निर्बल न होंगे, स्वप्नदोष, शी‘
और नपुंसकता, गर्मी, सुजाक, प्रमेह आदि सब प्रकार
से बचेंगे और आरोग्य, हृष्ट पुष्ट सुन्दर सन्तान उत्पन्न कर
जिस असली कोकशास्त्र की पुरुषों के लिये अत्यन्त
श्यकता थी परन्तु मिलना दुर्लभ था वही दुर्लभ ग्रन्थ ब
तैयार है, शीघ्र ही मंगाकर इसे पढ़, सुनकर आरोग्यता
करके मनुष्य जीवन का सच्चा आनन्द उठाइये।
मैनेजर स्त्रीशिक्षा पुस्तकालय कर्नलगंज, प्र।

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