विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञ-कामशास्त्र ५०३
दाम्पत्य प्रेम के विषय मे कुछ लाइने और लिखकर पुस्तक
समाप्त करते हैं ।
पीछे बतलाया गया है इस बात को बड़े बड़े महर्षियो ने
भी माना है श्रीरामचन्द्र, श्रीकृष्णचन्द्र, शिव, ब्रह्मा इत्यादि देव-
ताओ ने भी पति पत्नी के प्रेम की महिमा गाई है वेदो से भी
दाम्पत्य प्रेम दृढ़ और जीवन पर्यन्त बने रखने के लिये बहुत
कुछ आज्ञा दी है इस विषय मे अब अधिक लिखना व्यर्थ हैः-
दाम्पत्य प्रेम स्वर्ग का भी दुर्लभ पदार्थ है वे ही पति पत्नी
स्वर्ग सुख भोगते है उन्ही को मनुष्य जीवन का सच्चा आनन्द
और सुख मिलता है जो एक दूसरे के प्रेम बन्धन मे रहकर उत्तम
सन्तान उत्पन्न करते हैंः—
एक साहसी वीर युवक भयकर वनो मे जाकर बड़े बड़े
बलवान् हाथी और सिहो को मारता है जिसके सामने बड़े बड़े
बली और भयकर जीव घबड़ा कर भागने का मार्ग तक भूल
जाते हैं परन्तु जब वह अपनी प्यारी पत्नी के पास घर पर आता
है और उसे किसी कारण से उदास मलिन मुख देखता है तो
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