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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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४६० आनन्द मन्दिर

विवाह कर दिया इसी से मेरी यह दशा है । जब उनकी सूरत
देखती हूँ, तभी मुझे इतना दुःख होता है जो कह नही सकती ।
जब वे मेरे पास आते हैं। तब मेरे दिमाग मे पागलपन सा हो
जाता है और कई दिन तक शिर घूमता है । शरीर व्याकुल
रहता है। लगभग पांच वर्ष विवाह को हुए। आज तक मैंने विवाह
का सुख नही जाना। जब बहुत व्याकुल होजाती हूँ तब बीमारी
का बहाना करके पिता के यहा चली जाती हूँ । ससुराल मे मुझे
किसी प्रकार का कष्ट नही है धन की कमी नही है सभी सुख
हैं परन्तु विवाह का कोई सुख नही है मैंने आपका नाम बहुत
दिनो से सुन रक्खा था इसलिये आपसे अपने दुःख की कहानी
सुनाने के लिये इलाज के बहाने से माता को लेकर आई हू ।
अगर कोई उपाय मेरे उद्धार का हो सके तो कीजिये नही तो मेरा
जीवन रो रो कर ही व्यतीत होगा इस दशा में मैं जीवित नहीं
रहना चाहती ।
मैंने उस स्त्री की यह कष्ट कहानी सुनकर उसकी माता को
पास बुलाकर कहा—तुम लोग कैसे अन्धे हो जो बूढ़े से विवाह
कर दिया कैसी सुन्दर लड़की है तुम्हे इसके ऊपर दया नहीं
आयी ? तब उसने कहा कि लड़की को कमी किस बात की है,
धनवान् देखकर हम लोगो ने शादी की थी ।
मैंने उसकी माता से साफ २ कह दिया कि इसका पति बूढ़ा
है, इसी कारण यह सब बीमारियां हुई हैं। तुम लोग इस बात
को नहीं समझ सकते। तुम्हीं क्या बहुत से मूर्ख माता पिता इस