विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४५८ आनन्द मन्दिर
ऐसे मूर्ख और अत्याचारी पुरुषो को आगे चलकर बड़ा कष्ट
भोगना पड़ता है और उनकी अन्तिम अवस्था बड़ी ही दुःखमय
कटती है। वे दुनियां मे मुह दिखलाने लायक नही रहते।
यदि स्त्री, दुष्ट पुरुषो अथवा दुष्ट स्त्रियो की संगति मे पडगई तो
स्त्री भी अनेक कष्टो से जीवन व्यतीत करती है और दोनो कुलो
को कलंकित करती है। जो अपने धर्म पर दृढ़ रहती हैं वे कितने
ही कष्ट मिले दुख को ही सुख समझकर जीवन व्यतीत करती
है। इस प्रकार माता पिता की अज्ञानता से बाल पति अथवा
वृद्ध पति जिन स्त्रियों को मिलता है उनका जीवन दुःखमय व्यतीत
होता है।
इस विषय मे भी मेरे पास सैकड़ो उदाहरण सच्चे मौजूद हैं।
मेरे पास बूढे पतियों की सैकड़ो ही स्त्रियां अनेक रोगों मे ग्रसित
इलाज के लिये आई। स्त्रियो और उनके पतियो को इस बात का
पता ही नही है कि स्त्री को रोग किस कारण से उत्पन्न हुए है।
जहां इलाज के लिये पतिजी स्त्री को लेजाते हैं उन चिकित्सको
को भी इस बात का अनुभव नहीं है कि बूढ़े पतिदेव ही इन
रोगो का कारण हैं। इलाज मे हजारो रुपया बरबाद करते है कुछ
लाभ नही होता।
चिकित्सको और लेडी डाक्टरो (स्त्री-चिकित्सक) को भी
इस बात का अनुभव नही है जो ठीक ठीक रोगों का कारण
समझ सके। इस विषय मे मै अपने अनुभव की कुछ रोगी
स्त्रियो का हाल लिखती हूँ, आशा है बूढे पति इन सच्चे उदाहरणो