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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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१५४ आनन्द मन्दिर
ऐसी स्त्रियां अनेक प्रकार के रोगों से ग्रसित होजाती हैं
और चिड़चिड़े स्वभाव की होजाती हैं। हिस्टीरिया का दौरा होने
लगता है। असाध्य प्रदर रोग होजाता है। वे पागल होजाती हैं ।
हर समय क्रोध मे भरी रहती है उनका स्वभाव कलह करने का
होजाता है।
स्त्री हर प्रकार का कष्ट सहलेती है। आपत्ति का पहाड़ सिर
पर आगिरें तो उससे भी नही घवडाती, परन्तु ऋतु स्नाता स्त्री
को गर्भाधान क्रिया के समय यदि योग्य पति न मिले तो वह चित्त
मे वडी दुखी होती है यदि पति रोगी हो, मरगया हो कही विदेश
गया हो तो दुःख नही मानती। परन्तु छोटा हो अथवा वूढा
हो तो वड़ी दुःखी होती हैं। अपना जीवन ही व्यर्थ समझती हैं
अनेक सुशीला स्त्रिया इस दुःख के कारण माता पिता की
मुर्खता पर रो रो कर आत्महत्या कर बैठती हैं। अथवा कुलको
कलंकित कर विधर्मिणी होजाती हैं।
इस विषय मे यदि पता लगाइये तो हजारो उदाहरण ऐसे
मिलेगे कि इस प्रकार के अनमेल विवाहो से दुखी होकर कितनी
ही स्त्रियो ने आत्महत्या किया होगा।
मेरे पास अनेक स्त्रिया ऐसे विवाह वाली आई उन्ही से
ऊपर लिखे विषय का वास्तविक पता लगा है।