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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 629

४४८ आनन्द मन्दिर

सास ससुर दोनो पर बड़ा क्रोध आया । मैने उसकी सास को
बुलाकर पृछा तुम्हारे लड़के की अवस्था क्या है, जिसकी यह
बहू है। उसने कहा पन्द्रह सोलह वर्ष की होगी। मैंने कहा तुम
महामूर्ख हो, तुम्हारे पति भी बडे अज्ञान हैं, जो उतनी कम उम्र में
लड़के का विवाह कर दिया फिर भी उतनी ज्यादह उम्र की बहू से।
इसकी बीमारी का यही कारण है, उस पर भी तुम सन्तान
चाहती हो। तुमने अपने लड़के और दूसरे की लडकी, दोनों का
जीवन बरबाद किया ।
वह स्री बडी लजित हुई और कहने लगी देवी जी अब
तो कुछ उपाय बतलाओ । रिश्तेदारो ने मिलकर धोखा दिया,
लड़की की उम्र ठीक नही बतलाई । मैंने उस रोगी स्री से फिर
एकान्त मे जाकर पृछा तो मालूम हुआ कि दहेज मे अच्छी
रकम मिलने के कारण विवाह किया गया और इसी कारण
रिश्तेदार दलालो ने लडके के बाप को मेरी उम्र ठीक नहीं
बतलाई ।
जो माता पिता केवल रिश्तेदारों और नाई-पंडित आदि
की बातों मे आकर स्वय लड़की की अवस्था और आरोग्यता
नही देखते, अन्धे होकर विवाह कर डालते हैं वे बड़ी भारी
अज्ञानता करते है। इस प्रकार के मेरे पास हजारों उदाहरण
मौजूद हैं, क्योंकि इस प्रकार की लाखों स्रियां मेरे पास
आचुकी हैं, और उनके सब प्रकार के रोगों की चिकित्सा
मैंने की है।