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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 585

४०८ आनन्द मन्दिर

यह सूजन बनी ही रहती है इससे पुरुष की इन्द्री भी प्रसंग के
समय छिल जाती है और स्त्री की योनि भी छिल जाती है जिससे
पति पत्नी दोनों को हानि पहुँचती है ।
जैसे कुत्ता हड्डीका टुकड़ा पाकर उसे चबाता है। मुंह मे
मसूड़ों मे हड्डी के गड़ने से रक्त निकलने लगता है उसी रक्त के
स्वाद को वह अज्ञानी हड्डी के टुकड़े का स्वाद समझ कर
बड़ा प्रसन्न होता है और उसे छोड़ता नही। कभी कभी जब वह
हड्डी मुंह मे छिद जाती है तब चिल्लाता फिरता है व्याकुल हो
जाता है । यही दशा उन अज्ञानी विषयी पतियो की है जो रोग
के कारण योनि की सूजन को योनि संकोचन समझ कर भ्रम
मे पड़कर कुछ दिनो मे रोते और पछताते हैं ।

जरूरी बात

पुरुषो की अज्ञानता और विषय लोलुपता के कारण स्त्रियो
के जितने प्रकार के गुप्त रोग देखने मे आये हैं और आते हैं उन
सब का सचित्र विस्तार से हाल लिखा जावे तो एक बड़ा भारी
ग्रन्थ बन जायगा इस लिये पुरुषो को सावधान करने के लिये और
स्त्री जाति को रोगो से बचाने के लिये यहां कुछ रोग लिखे गये हैं
आशा है पाठक ऊपर लिखे विषय को भलीभांति समझ कर
नियम से रहेगे । जिन्हें यह बात मालूम न थी उन्होने अनजान
में ऐसा किया है वे आगे को सावधान हो जायगे और सदैव
इन हानिकारक अनियमो से बचते रहेगे ।