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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 571

३६६ आनन्द मन्दिर


जब उनके गर्भाशय की मैने परीक्षा की तो गर्भाशय वाहर
निकला देखा गया और किसी किसी स्त्री के पृष्ठ ३९५ के चित्र
की आकृति का निकला देखा गया ।
गर्भाशय जव वाहर निकल आता है तव अग्रेजी इलाज
में रपड़ का छल्ला चढ़ा दिया जाता है जव छल्ला निकल जाता
है तब फिर रोग वैसा 'ही होजाता है । मेरे पास अनेक स्त्रिया ऐसी
आईं कि पांच पाँच दश दश वर्ष का गर्भाशय निकलने का रोग था,
दूर नही हुआ था, छल्ला चढ़ा रहता था । जव छल्ला निकल
गया तब फिर गर्भाशय वाहर आगया । हमारे देशी चिकित्सा
प्रणाली में वैज्ञानिक विधि से तथा देशी औषधियो से इलाज
करने से हमेशा के लिये यह रोग दूर होजाता है ।

पति के व्यभिचारी होने से गर्भाशय रोग

जिन स्त्रियो के पति व्यभिचारी होते हैं उन निरपराध स्त्रियों
को पति के कारण बड़े बड़े भयंकर रोग उत्पन्न होजाते हैं और
उससे उन्हे बड़ा कष्ट होता है। पति के उन रोगो के कारण
उन स्त्रियो की सन्तान भी रोगी होती है तथा गर्भ मे ही सड़
जाती और मर जाती है जिसके कारण स्त्री के भी प्राण जाते हैं।
पति के रोगी होने से पत्नी की जनेन्द्री मे छाले पड़जाते हैं।
जैसा कि आगे के दिए हुए दो चित्रो मे दिखलाया गया है
गर्मी रोग बड़ा भयंकर रोग है यह रोग प्रायः पर स्त्री गामी,
तथा वेश्यागामी पुरुषो के हुआ करता है। यह भयंकर रोग