सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 570, कुल 704 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 570

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ३६५

तो मालूम नहीं होता। योनि में कुछ भारीपन या आलस्य सा मालूम
होता है। ऐसी हालत में भी सम्भोग बराबर होता ही रहे अथवा
-- के दिनों में गर्भाशय भ्रंश वाली स्त्री से सम्भोग हो तो गर्भा-
शय गिरकर बाहर निकल आता है जैसा पीछे के चित्र में है।
मेरे पास अनेक स्त्रियां ऐसी आईं और राय चाहा करती
हैं। उनकी ज़बानी मालूम होता है कि विपरीत आसन में रति
क्रिया करने से यह रोग हुआ। कई स्त्रियों ने मुझसे बतलाया कि
उनके पति ने उन्हें दिया औंधे-मुँह सुला और उन्होंने उल्टे
किसी चित्र के अनुसार पशु की समान सम्भोग किया जिससे
कि मेरे हाथ पैर कांपने लगे, मैं गिर पड़ी तभी से पेड़ू में पीड़ा होने
गर्भाशय का बाहर निकल आना
लगी और जनेन्द्री में भारीपन मालूम होने लगा। अब न जाने
क्या गुह्य स्थान में कुछ लटका हुआ सा मालूम होता है।