विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३८८ आनन्द मन्दिर
विपरीत रति से
सैकड़ा पीछे निन्यानवे स्त्रियां रोगी हैं
जो विषयी पति स्तम्भन की औषधियां खाकर तथा मनगढ़त
कामशास्त्र कोकशास्त्र तथा अन्य इसी विषय की पुस्तको मे
अज्ञानियो की लिखी स्तम्भन की विधियां तथा औषधियों से
कोस लेते हैं और अपनी प्यारी पत्नियो पर अत्याचार करते हैं
उनकी इस अनियम रति से प्राकृतिक नियम से अधिक समय
तक रतिक्रिया होने से जनेन्द्री के बार बार दबाव पड़ने के कारण
स्त्रियो के गर्भाशय मे सूजन आ जाती है। जैसा कि चित्र पृष्ठ
३८७ मे दिखाया गया है इस प्रकार अधिक वार प्रसंग होते रहने
से वह सूजन बढ़ जाती है।
कुछ दिनो बाद उस स्त्री के गर्भाशय मे संभोग के समय
कष्ट होता है और गर्भाशय को विश्राम न मिलने के कारण वह
सूजन दूर नहीं होती । इस सूजन के कारण मासिक धर्म्म मे भी
खराबी हो जाती है क्योकि मासिक धर्म्म के समय गर्भाशय का
मुख सूजन के कारण भलीभांति नहीं खुलता इसलिये रक्त अच्छी
तरह नही निकलता रुक रुक कर निकलता है। कुछ दिनों मे
वह रक्त इकट्ठा होकर जम जाता है और गांठ पड़ जाती है।
मासिक धर्म्म के समय गर्भाशय का मुख इस प्रकार खुल
जाता है। जैसा कि पृष्ठ ३९० के चित्र मे दिखलाया
गया है। जो अज्ञानी पुरुष मासिक धर्म्म के दिनो मे रतिक्रिया