विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३५२ आनन्द मन्दिर
सफेद वस्त्र धारण कर सुगन्धित पदार्थों को शरीर में लगाकर
सफेद फूलों की माला ले स्त्री के पास जावे। (देखिये चित्र फूलों
का हार लिये पुरुष स्त्री के पास उत्तम सन्तान के लिये रतिक्रिया
की इच्छा करके खडा है)।
इसी तरह पत्नी भी उत्तम पदार्थों का भोजन करके
श्रृंगार कर उत्तम सन्तान की हृदय से इच्छा करके प्रसन्न चित्त
हो सम्भोग के लिये शयनगृह में जावे। देखिये चित्र गर्भाधान
की तैयारी। पत्नी श्रृंगार करके शयनगृह में जाकर पती की प्रतीक्षा
कर रही है।
शास्त्रकारो ने यहां बतलाया है कि उत्तम सन्तान के लिये
सम्भोग की इच्छा से प्रसन्नचित्त हो शयनगृह में जाकर पहिले
स्त्री बांये पैर से पलग पर चढ़े (देखिये चित्र वांये पैर से स्त्री
पलग पर चढ रही है) यदि स्त्री पहिले शयनगृह में जावे तो
वाये पैर से पलग पर चढ़े और पति के आने की प्रतीक्षा करे।
यदि पति स्त्री से पहिले ही शयनगृह में चलाजावे तो दाहिने
पैर से पलग पर चढ़े और स्त्री की प्रतीक्षा करे अर्थात् स्त्री बांये
पैर से पलग पर चढ़े और नीचे लिखे मंत्र को पढ़े —
अहिरसि आयुरसि सर्वतः प्रतिष्ठासिधातात्वम्।
दधातु विधाता त्वां दधातु ब्रह्मवर्चसाभवति॥
ब्रह्मा बृहस्पति विष्णुः सोमः सूर्यस्तथाश्विनो-
भगोऽथमित्रावरुणौ वीरं ददतु मे सुतम्॥