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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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पृष्ठ 493

३४२ आनन्द मन्दिर
जो मूर्खपति इसका स्पर्शकर पत्नी को उत्तेजित करते है वे
महामूर्ख हैं। कुछ दिनो मे स्त्री नपुसक होजाती है। उसकी उत्तेजना
शक्ति नष्ट होजाती है फिर वह पति उस स्त्री की इच्छा को भी
पूरी नही कर सकता और वह स्त्री गर्भवती भी नहीं हो सकती।
इस विषय मे प्रकृति का नियम यह है कि.—
संभोग के समय पुरुष की इन्द्री का स्पर्श स्त्री के इस योनि
लिग से अकस्मात प्रकृति के नियम के अनुसार आप ही होता
है तब स्त्री को उत्तेजना होती है।
जिनके पति अधिक प्रसग करके पत्नी का स्वभाव बिगाड़
देते हैं और फिर शक्तिहीन होजाने पर स्त्री को इच्छा पूरी नहीं
कर सकते ऐसे दुष्ट पतियो की पलिया स्वय अपने इस अग का
स्पर्शकर उत्तेजना उत्पन्न करती हैं और कुछ दिनो मे शक्तिहीन
होजाती हैं।
ऐसी भी अनेक स्त्रिया मेरे पास आईं कि जिन्होने मुझसे
यह् शिकायत की कि “हमारी कभी इच्छा ही नहीं होती, पति
जी अनेक उपाय करते है घटो उपाय करने पर भी हमारी इच्छा
नहीं होती।” तब मै उनसे पूछती हू कि कभी तुम्हारे पति ने
यह् अज्ञानता तो नही की कि तुम्हारे इस स्थान को स्पर्श किया
हो अथवा तुमने ही इस का स्पर्श कर अपने मे उत्तेजना की हो। तब
मालूम होता है कि यह मूर्खता उनके पति ने वर्षों तक की इसी
प्रकार इस अंग का स्पर्श करके स्त्री को उत्तेजित किया और अब
स्त्री किसी काम की नही रही।