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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 490, कुल 704 में से

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पृष्ठ 490

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ३३६


तीन महीने से बाहर गये हुए हैं, मेरे गुप्त स्थान में खुजली होकर
संभोग की अत्यन्त इच्छा होती है, मैने खाना भी छोड़ दिया
है। एक वक्त केवल रूखी रोटी नमक से खाकर रहती हूँ
मुझे कोई ऐसी औषधि भेजिये जिससे मेरी इच्छा न हो। मैं
लगभग छै महीने से ब्रह्मचर्य से हू। मेरे पति प्रायः बाहर रहा
करते हैं, बीच बीच में दस बीस दिन को आते हैं। अभी हाल
में आये थे एक सप्ताह रहकर चले गये।
कृपा करके मुझे ऐसी औषधि भेजिये जिससे यह शिकायत
दूर हो। मैं बडी परेशान हूं आपको भी बड़े संकोच से लिखा है
क्षमा करें।
मैने उस स्त्री को औषधियां भेज दीं, केवल योनि धोने की
औषधियों से ही उसकी शिकायत एक सप्ताह में दूर हो गई।
इस रोग वाली स्त्री के पति को भी अनेक रोग उत्पन्न हो
जाते हैं, उसकी इन्द्री में भी यह रोग हो जाता है। अज्ञानतावश
इस रोग के उत्पन्न होने का कारण न जानने से इस रोग वाली
स्त्रियां अप्राकृतिक रूप से अपनी इच्छा पूरी करती हैं परन्तु
इच्छा पूरी नहीं होती क्योंकि यह रोग के कारण इच्छा उत्पन्न
होती है, जब तक रोग दूर न हो इच्छा बनी ही रहती है।
इस रोग वाली स्त्रियों के चरित्र भ्रष्ट हो जाने की भी शंका
रहती है। मेरे पास इस विषय की भी स्त्रियों की अनेक चिट्ठियां
आया करती हैं वे लिखती हैं कि जल्द इसका उपाय बताइये
हम पति से अपनी इस इच्छा का हाल खुलासा नहीं कह सकतीं।