विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ३३१
आयुर्वेद बतलाता है:—
मनोभवागारमुखेऽबलानां,
तिस्रोभवन्ति प्रमदा जनानाम् ।
समीरणा चन्द्रमुखी च गौरी,
विशेषसातामुपवर्णयामि ॥
अर्थात्—कामगृह यानी स्त्री के योनि मुख में तीन प्रकार
की नाड़ियां होती हैं एक समीरणा दूसरी चन्द्रमुखी और तीसरी
गौरी । इनका वर्णन इस प्रकार है—
प्रधानभूता मदनातछत्रे,
समीकरणानाम विशेषनाडी ।
तस्यामुखेयत्पतितंतुवीर्यं,
तन्निष्फलं स्यादितिचन्द्रमौलिः ॥
अर्थात्—मदन रूपी छत्र में सर्व प्रधान नाड़ी समीरणा
नाम की है उस नाडी के मुख मे संभोग के समय जव वीर्य
गिरता है तो वह निष्फल जाता है ऐसा किसी किसी आचार्य
का मत है ।
याचापराचान्द्रमसी च नाडी,
कन्दर्पगेहेभवति प्रधाना ।