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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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२६६ आनन्द मन्दिर

की शिकायत है ऐसे पतियों की स्त्रियों की भी सन्तान सदा रोगी
निर्बल और दुर्बल होती है।

ग्यारहवां कारण

गर्भ रहजाने पर भी पुरुष अपनी इच्छाओं को काबू मे नहीं
करते। रात दिन सम्भोग करके स्त्री को निर्बल बनादेते हैं। गर्भ
रहजाने पर प्रसंग करने से गर्भस्राव व गर्भपात होजाता है
यदि किसी को न भी हुआ तो सन्तान होने पर रोगी निर्बल
और अल्पायु होती है। पशु पक्षियो को इस बात का ज्ञान है वे
मादा को देखते ही समझ लेते हैं कि मादा गर्भवती है, परन्तु
जानते हुये भी वे बाज नही आते।

बारहवां कारण

मासिकधर्म्म के दिनो मे भी बहुधा पुरुष रतिक्रिया करते हैं
मेरे पास ऐसी हजारो स्त्रियां आईं और आती हैं जो अपने
पतियों के इस अत्याचार का हाल कहती हैं। मासिकधर्म्म के
दिनो मे गर्भाधान क्रिया करने से गर्भ नही रहता। गर्भाशय में
गया हुआ वीर्य ऋतु के रक्त के साथ बाहर निकल आता है।
स्त्री के अनेक प्रकार के गर्भाशय के रोग होजाते हैं। मासिक-
धर्म के दिनो मे रतिक्रिया करने से पुरुषो को भी अनेक प्रकार
के रोग उत्पन्न हो जाते है। मासिकधर्म के रोग भी होजाते हैं।
रज दूषित होजाता है उस स्त्री के जब गर्भ रहता है तो ऋतुदोष के