विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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कष्ट उठा चुकी थी जब से मैने उन्हे उपाय वतला दिये और
चिकित्सा करके ठीक कर दिया तब से उनके वालक ठीक होने
लगे और वे हृष्ट पुष्ट हैं।
रज वीर्य के दोषो के कारण जिनके कभी गर्भ रहा ही नही
था, जो सन्तान हीन थी, सन्तान के दुःख से रो रोकर जीवन
व्यतीत कर रही थी, मेरे बताए उपाय और चिकित्सा से उनके
सन्तान होने लगी। ऐसी एक दो नही हजारो स्त्रियां मौजूद हैं।
जिनके नियम विरुद्ध अधिक संभोग के कारण सन्तान नही
होती थी उनको ब्रह्मचर्य से रहकर औषधियो का सेवन कराया
गया, सन्तान होने लगी। इस प्रकार हजारो स्त्रियों के जो वन्ध्या
थी जिनके कभी गर्भ रहा ही न था, सन्तान होने लगी।
यह मेरे अनुभव की वात है। मैं आयुर्वेद की रीति से देशी
चिकित्सा करती हू। आयुर्वेद के अनुसार ही रोगो का निदान
करती हूं, स्त्रियां तो मेरे पास स्वय आकर अपने रोगो की परीक्षा
और चिकित्सा कराती हैं। जो नही आसकती वे अपने रोगो
का पूरा हाल लिखती है। उनके रोगो का निदान और इलाज
उसी हाल से घर बैठे ही औषधि भेजकर करती हू, इस प्रकार
स्त्रियो की जो शिकायते होती हैं दूर होजाती है।
पुरुषो के रोगो की परीक्षा और चिकित्सा के लिये मैने आयुर्वेद
के अनुसार रोगो का निदान जानने के लिये एक फार्म ४० चालीस
प्रश्नो का तैय्यार किया है वही भेजती हूँ। उसे भरकर अर्थात् कुल
प्रश्नो का उत्तर लिख देने से पुरुष रोगियो के रोगो की भी परीक्षा
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