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सर्वकोश
विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 32

भूमिका
शम्भु स्वयम्भु हरयो हरिणेक्षणानाम् ।
येनाक्रियन्तसततं गृहकर्मदासाः ॥
वाचामगोचर चरित्र विचित्रताय ।
तस्मै नमो भगवते कुसुमायुधाय ॥ (भर्तृहरि)
जिसने अपने कर्त्तव्य से शिव ब्रह्मा और विष्णु को भी स्त्रियो
के प्रेम के कारण गृहकार्य करने के लिये दास बना रक्खा है
और जो विचित्र चरित्र मे परम चतुर और विलक्षण है। जिसकी
चतुरता का वर्णन नही हो सकता ऐसे भगवान कामदेव को

  • वारम्बार नमस्कार है ।
    कुसुमायुधधारी कामदेव की महिमा अपार है जिस
    समय वह अपना प्रचण्ड वेग धारण करता है उस समय देव-
    ताओं तक की बुद्धि ठिकाने नही रहती वे भी विषयान्ध हो
    जाते हैं ।