विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंकी शिकायते उत्पन्न होजाती हैं इसी कारण सैकड़ा पीछे निन्नानवे
स्त्रिया रोगी देखी जाती है । इनमे प्रायः विवाह होने के वाद
अधिक प्रसग से रोगी होनेवालियो की सख्या अधिक पाई
जाती है ।
इसी प्रकार पुरुषो का हाल है जो वाल्यावस्था मे सुसगति
मे रहने से वचगये तो विवाह होने पर अधिक प्रसंग और
अनियम प्रसंग करके शक्तिहीन निर्वल और दुर्वल होजाते हैं
फिर कुछ दिनो मे प्रतिदिन कई कई वार मैथुन कर महीने मे
एक वार भी ऋतुस्नाता स्त्री की इच्छा पूरी नही कर कसते ।
यदि स्त्री के पास गये भी तो शीघ्रपात के कारण स्त्री का
म्पर्श करते ही स्खलित होजाते है इस कारण उनके सन्तान
नही होती । ऐसे पुरुषो की भी सख्या कम नही है ।
मेरे पास अनेक स्त्रिया अपने पति के इलाज के लिये आया
करती है और वे कहती हैं कि महीना होने के वाद जव हमारी
इच्छा होती है तव तो हमारे पति हमसे वोलते नही और जब
उनकी इच्छा होती है तव वोलते हैं तो शीघ्रही स्खलित होजाते