विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञान-कामशास्त्र १५७
संभोग शक्ति प्राप्त कर उत्तम आरोग्य सन्तान उत्पन्न करने वाला
होकर स्त्रियो का प्रिय होजावे। उसी को वाजीकरण कहते हैं।
वाजीकरण प्रयोगो की सहायता से पुरुष की संभोग शक्ति कम
नहीं होती और पुरुष सुन्दर दीर्घजीवी सन्तान उत्पन्न करने की
शक्ति प्राप्त करता है। ऐसा आयुर्वेद का मत है।
धर्मशास्त्र और
आयुर्वेद से ऋतुदान का समय
ऋतुकालाभिगामीस्यात्स्वदारनिरतस्सदा ।
पर्व वर्जं व्रजेच्चैनां तद्व्रतो रतिकाम्यया ॥
महर्षियो ने ऋतुदान के समय का निश्चय इस प्रकार से
किया है कि सदा पुरुष ऋतुकाल मे ही स्त्री के साथ मे समागम
करे। वह पुरुष जब ऋतुदान देना हो तो पर्व अर्थात् जो उस
ऋतुदान के १६ दिनों मे पूर्णमासी अमावस्या चतुर्थी अष्टमी एका-
दशी आवे उसको छोड़ देवे इन तिथियों मे स्त्री पुरुष रतिक्रिया कभी
न करें।
ऋतु स्वाभाविकः स्त्रीणां रात्रयः पोडश स्मृताः ।
चतुर्भिरितरैः सार्द्धमहोभिः सहिगर्हितैः ॥
स्त्रियो का स्वाभाविक ऋतुकाल १६ रात्रि का है अर्थात्
रजोदर्शन के दिन से १६ सोलहवे दिन तक ऋतु समय है। इन