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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 240, कुल 704 में से

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पृष्ठ 240

का आनन्द नही मिलेगा 'और न गर्भ ही रहेगा क्योकि उत्तम
सन्तान के लिये गर्भाधान क्रिया के समय दोनों का प्रसन्न रहना
और ठीक गर्भाधान होना आवश्यक है ।
वाल्यावस्था का बेमेल सम्बन्ध
ऊपर लिखे कारणा का वेमेल सम्बन्ध होने से पति पत्नी
मे कलह वनी रहती है और मेल का सम्बन्ध होने से सन्तान
उत्तम होती है इसी प्रकार वाल्यावस्था का विवाह वेमेल होता है
जो सन्तान के लिये हानि कारक है ।
मुझे २५ पचीस वर्षं स्त्रियां की चिकित्सा करते व्यतीत हुईं
इस बीच मे लाखो ही स्त्रियां मेरे पास अपने रोगो की परीक्षा और
चिकित्सा कराने आईं इन मे मैंने बहुत कम ऐसी रोगी स्त्रियां
देखीं जिनका विवाह योग्य अवस्था मे हुआ वरन वाल्यावस्था
के विवाह वाली ही अधिक देखी ।
किसी की स्त्री की अवस्था कम पुरुप की ज्यादह, किसी की
वरावर और किसी की पति की स्त्री से दूनी किसी की लडका,
लड़की दोनो कम अवस्था के, ऐसे ही सम्बन्ध देखने मे आये । लड़के
ने कुसंगति मे पड़कर हस्त क्रिया करके अपने वीर्य का सत्यानाश
मार लिया उसमे सुस्ती प्रमेह स्वप्रदोष आदि अनेक प्रकार
के रोग उत्पन्न होगये । जब पढ़ाई समाप्त करके गृहस्थी मे प्रवेश
किया तब तक खजाना खाली हो गया अर्थात् वीर्य क्षीणता और
शीघ्रपात के रोगो से ग्रसित होगया फिर स्त्री को किस प्रकार