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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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पृष्ठ 224

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र १३५

ऐसे मिलेगे जिनमे पति पत्नी मे कलह रहती है और पति से
अप्रसन्न रहने के कारण पत्नी घर के सब स्त्री पुरुषो सास ससुर
आदि से झगड़ा मचाये रहती है। सासे भी ऐसा ही व्यवहार
करती हैं ।
विवाह के सम्वन्ध मे तो अब धीरे धीरे मेल मिलाने की
प्रथा उठती ही जा रही है ऐसा प्रतीत होता है कि आगे चलकर
पाश्चात्य देशो की समान कन्याए अपनी पसन्द के वर खोजकर
विवाह स्वयं कर लेगी और जब पति से कुछ अनवन हो
जायगी तब उसे छोड़कर दूसरा करलेगी अथवा पाश्चात्य देशो
की भाति बिना दूसरा पति नियत किये ही अपना काम चलाती
रहेगी ।

जन्म पत्र आदि मिलाने का उद्देश्य

हमारे देश मे प्राचीन पुरुषो ने जन्म पत्र आदि से योग्य वर
कन्या का विवाह सम्वन्ध नियत किया है। जन्मपत्र का उद्देश्य यही
है कि किस कन्या का योग्य पति कौनसा पुरुष हो सकता है।
सब जन्म पत्र से पता लग जाता है यदि जन्म के समय का ठीक
निश्चय हो ।
पाठको के समझाने के लिये यहां मैं कुछ उदाहरण
राशि नक्षत्र और ग्रहो का देती हूं इससे पाठको को प्राचीन
पुरुषो के उद्देश्य तथा जन्म पत्र मिलाने के उद्देश्य का पता चल
जायगा ।