विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१३० आनन्द मन्दिर
मिश्री मिला हुआ गाय का दूध, गाय का मीठा दही, मलाई
सहित, मिश्री मिला हुआ गाय का मट्ठा इस ऋतु में अत्यन्त
हितकारी है।
सिंघाड़ा, कसेरू, लौकी, गन्ना, पतली खीर, सेमई, माल पुआ,
दुधलपसी, दूध और मिश्री मिली हुई फेनी का सेवन करना और
दूध भात मिश्री का प्रति दिन सेवन करना हितकारी है। कसरत
करना परिश्रम करना प्रात. और सायकाल का वायु सेवन
हितकारी है।
चन्द्रपादा दिवास्वप्नं चन्दनं तरणं जले ।
लघु स्निग्धं द्रवं पथ्यं कायस्था सगुडा हिता ॥
उशीरैश्छादितं गेहं सिक्तैर्नीरैः सुगन्धिभिः ।
शीतलं च तरुच्छाया द्राक्षा चोशीरवीजनम् ॥
दुग्धांश्च प्रसूननि बालाया अधरामृतम् ।
हितान्याहुरयेबाले ग्रीष्मे वेद्या इमानिहि ॥
चन्द्रमा की चांदनी का सेवन, दिन में सोना, चन्दन लगाना,
जल विहार करना, हलके चिकने और पतले पदार्थों का सेवन
करना, गुड मिलाकर हडौं का चूर्ण सेवन करना ।
सुगन्धित जल से छिड़के खस के परदों से आच्छादित घर मे
रहना, शीतल पदार्थ, घने वृक्षों की छाया, खस के पखे, दूध भात,
फूलों की माला और बाला स्त्री का अधरामृत पानकर दाम्पत्य प्रेम