विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें११६ आनन्द मन्दिर
अच्छे मल मल के महीन वस्त्र और कमल नयनी सुन्दर
पत्नी इत्यादि पदार्थों से ग्रीष्म में पुएयवान पुरुष ही सुख
उठाते है ।
सुधाशुभ्रं धाम स्फुरदमलरश्मिः शशिधरः ।
प्रियावक्त्राम्भोजं मलयजरजश्चातिसुरभिः ॥
स्रजो हृद्यासोदस्तदिदमखिलं रागिणिजने ।
करोत्यन्तः क्षोभं न तु विषयसंसर्ग विमुखे ॥
सफेद् अच्छा उज्ज्वल घर और निर्मल चाँदनी का
चन्द्रमा, प्यारी पत्नी का मुखकमल, सुगन्धित चन्दन, अच्छे
सुगन्धित पुष्पों की माला, ये सब वस्तुएं मनुष्य के जीवन सुख
और दाम्पत्य प्रेम की बढ़ाने वाली हैं पुरुषों के हृदय में उत्साह
और प्रेम उत्पन्न करने वाली हैं परन्तु जो पुरुष विषय के संसर्ग
से विमुख हैं उनके हृदय मे नही ।
तात्पर्य यह है कि जो पुरुष ऊपर लिखे सुख दायक पदार्थों
की कदर नही जानते और जिनका अपनी प्यारी भार्या से प्रेम
नहीं है अथवा जो कर्महीन हैं या जो नपुसंकता आदि रोगों में
ग्रसित हैं अथवा जो भाग्य हीन हैं, भार्या को छोड़कर व्यभिचार
आदि मे लिप्त हैं अथवा जो कायर पुरुष गृहस्थी का भार न
उठासकने के कारण मूंड मुड़ाकर गेरुये वस्त्र धारण कर भस्म
रमाकर त्यागी बन गृहस्थी से निकल भागे हैं उनके हृदय में इन
अमूल्य पदार्थों का कुछ भी प्रभाव नही पड़ताः-