विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें६६ आनन्द मन्दिर
चारों प्रकार के पुरुषों के लिक्षण
स्त्रियो की तरह पुरुषो के चार भेद है—
१—मृग २—वृषभ ३—शशक ४—अश्व ।
मृग पुरुष के लक्षण
हृष्ट पुष्ट, सुन्दर बलवान सुन्दर नेत्रो वाला हो और कमल जैसी
सुगन्धि शरीर मे आती हो, शरीर सुकोमल चिकना कान्ति वाला
हो और डील डौल मे न बहुत लम्बा बेडौल न ठिगना हो, प्रसन्न
चित्त रहने वाला पर उपकार करने मे उत्साही धैर्यवान् अतिथि
सेवक, धर्मकार्यों तथा ईश्वर मे भक्ति रखने वाला, सदैव सन्तोष
रखने वाला हो ऐसे पुरुष को मृग कहा है ।
जिस प्रकार मृग के नेत्र बड़े बड़े और सुन्दर होते हैं नेत्रो मे
चचलता और साथ ही सुन्दरता भी होती है उसी प्रकार ऐसे
ऐसे नेत्र वाले पुरुष को मृग कहा है ।
वृषभ पुरुष के लक्षण
अधिक सन्तान उत्पन्न करने वाला, मधुर भाषी, साहसी,
धैर्यवान्, कफ प्रकृति वाला, परिश्रमी, उद्योगी, चौड़ी छाती वाला,
और अधिक सोने वाला हो, सुन्दर स्त्रियो को प्यारा पाचन
शक्ति तीव्र हो, कुछ भारी शरीर वाला हो, शरीर के बाल कुछ
घने और कड़े हो, नाक के नथुने कुछ चौडे हो, सदा प्रसन्न,मुख