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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 162

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ६३


इसी प्रकार के अनेक घृणित उपाय बतलाये गये हैं जिनको
मैं यहां लिखना उचित नहीं समझती ।
स्त्री का कामदेव क्या मानो कुम्भकरण की नींद होगई,
जिसे जगाने मे पुरुष को इतने कठिन उपाय करने की जरूरत है।
पाठको ! विचार कीजिये विषयी लोगो ने स्त्रियो को क्या समझ
रक्खा है ऐसी पुस्तको के प्रचारको को भी इस बात का कुछ
विचार नही होता । वे अपने स्वार्थ साधन के लालच से विषयी
लोगो के चित्त प्रसन्नार्थ कुछ का कुछ मनगढत लिख देते है ।
मैंने २५ वर्ष तक लाखो स्त्रियो की चिकित्सा करके इस
बात का अनुभव किया कि स्त्रियों के आर्तव का चढ़ाव उतार
चन्द्रमा के हिसाब से है क्योकि मेरे यहां जो स्त्रियां आर्तव दोष
वाली इलाज के लिये आया करती हैं उनमे यदि साधारण
खराबी हुई तो रोग की परीक्षा करके औषधि देदी, वे दो चार
दिन ठहर कर अपने घर चली गई । और जिनमे अधिक खराबी
हुई वे ठहर कर इलाज कराती है और आराम होकर जाती हैं ।
ऋतुदोष वाली स्त्रियो के विषय मे मैं लिख चुकी हूं ।
आर्तव का चढ़ाव उतार चन्द्रमा के हिसाब से होता है । अभी
हाल में एक स्त्री मेरे पास आर्तव दोष की आई थी और उसने
मेरे यहां ठहर कर इलाज कराया उसका ऋतुधर्म्म प्रतिपदा से
आरम्भ हुआ । कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को उसके पीड़ा आरम्भ
हुई और वह पीड़ा दिन दिन क्रमश. बढ़ती गई और अठाइसवे
दिन खूब पीड़ा होकर मासिकधर्म्म अधिक तादाद मे हुआ ।