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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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पृष्ठ 157

६० आनन्द मन्दिर
स्त्री के शरीर में आर्तव का चढ़ाव उतार
स्त्री के शरीर से आर्तव का चढाव उतार इस प्रकार होता
है जैसे समुद्र मे ज्वार भाटा का नियम है। जिस प्रकार चन्द्रमा
की कला से अर्थात् घटने बढ़ने से समुद्र का जल घटता बढ़ता
है उसी प्रकार का स्त्री के आर्तव का सम्बन्ध चन्द्रमा से है।
चन्द्रमा के ही हिसाब से स्त्रियो का आर्तव समस्त शरीर मे
चक्कर लगाया करता है। मेरे पास अनेक स्त्रियां मासिकधर्म्म
सम्बन्धी ऐसे रोगों वाली भी आई और आया करती हैं जिनका
मासिकधर्म्म ठीक पूर्णिमा तिथि के दिन होता है और बहुत
अधिक गिरता है और पन्द्रह दिन तक जारी रहता है। पन्द्रह दिन
के बाद कम होने लगता है और पूर्णिमा के पहिले ही बिलकुल
बन्द होकर पूर्णिमा को फिर जारी हो जाता है। इसी प्रकार के
अनेक दोष मासिकधर्म्म मे पाये गये। कुछ स्त्रियां ऐसी भी देखने
मे आई जिनको हर महीने कृष्ण पत्त की प्रतिपदा को ऋतुधर्म
के रक्त का कुछ अंश दिखलाई देकर वन्द हो गया और उसी दिन
से गर्भाशय मे पीडा होनी आरम्भ