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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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८८ आनन्द मन्दिर
स्त्री के भेद
स्त्रियां चार प्रकार की मानी गई हैं ।
१-पद्मिनी २-चित्रणी ३-शंखनी ४-हस्तिनी
पद्मिनी स्त्री के लक्षण
रूपवती, सुन्दर, चन्द्रमुखी और नेत्रो मे मृगी की समान
सुन्दर जिसे मृगनयनी कहते है, पुष्ट स्तन वाली, सुशील, स्वभाव
वाली, कोमलाङ्गी (शरीर के अंग कोमल हो सांवला या गोरा कैसा
ही शरीर हो, ) आहार न बहुत कम न अधिक करने वाली, मीठी
बोली वाली, मधुर चाल वाली, मानवती, विलास दक्षा, लज्जावती,
धर्म कार्यों मे रुचिवाली, कमल के समान शरीर की गन्ध-
वाली, बुद्धिमती, कभी अपमान की बात न सह सकने वाली जो
स्त्री हो ऐसी स्त्री पद्मिनी कही जाती है ।
चित्रणी स्त्री के लक्षण
मृगनयनी अर्थात् जिसके नेत्र मृगी की समान सुन्दर और
बड़े हो, चन्द्रमुखी, सुन्दर मुखाकृति वाली, पतिप्राणा, प्रेम के
महत्व को समझने वाली, प्रसन्न मुख, सगीत प्रेमी, शिल्पकला मे
रुचि रखनेवाली, विद्या प्रेमी, मधुर भाषण करने वाली, सुन्दर,
सुडौल, शरीर वाली और सांवले वर्णवाली, जिसका उदर छोटा, स्तन
ऊंचे और हथिनी के समान मन्द चाल वाली, ऐसी स्त्री को
चित्रणी कहा है ।