विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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उत्पन्न कर सके। विपरीत रति तथा अनियम रतिक्रिया के अनिष्ट-
कारी विषय वासनाओ और मनगढन्त अहित कर आसनो
से बचे रहकर उनसे होने वाले अनेक रोगों से बचे ।
यों तो जितने शास्त्र हैं सब मनुष्य मात्र के हित के लिये
बने हैं परन्तु उनमे ऋषियो के बताए हुए नियमों पर कितने
मनुष्य चलते हैं यह सभी को मालूम है । धर्म्म शास्त्र वैद्यकशास्त्र
आदि के नियमो पर न चलने वाले अनेक प्रकार के रोगो तथा
कुकर्मों में फसकर अनेक कष्ट भोगते हैं
इसी प्रकार कामशास्त्र के विषय को न जानकर रतिक्रिया
तथा विधान में कुछ ज्ञान न होने से गर्भाधान क्रिया ठीक नहीं
कर सकते और शीघ्रही वीर्य क्षीणता, रज क्षीणता, प्रमेह, स्वप्नदोष,
शीघ्रपात, सिथिलता और नपुंसकता के दास बन जाते हैं और
स्त्री को भी शीघ्रही रोगी निर्बल और दुर्बल बना देते हैं। जवानी
में ही बुढ़ापे की सी दशा होजाती है जिसके कारण स्त्री पुरुष दोनों
का जीवन दुःखमय व्यतीत होता है।
कामशास्त्र के ज्ञान की आवश्यकता
इस लिये विवाह होते ही स्त्री पुरुष सब को ही कामशास्त्र
का कुछ ज्ञान अवश्य होजाना चाहिये जिससे पति पत्नी दोनों
अनियम से बचते रहे। यो तो इस विषय की शिक्षा किसी को
नहीं दी जाती। पशु पक्षी मनुष्य और प्राणी मात्र सबको ही प्रकृति
गर्भविधान की शिक्षा स्वय देती है।
मनुष्य और पशु पक्षी सबको ही रतिक्रिया गर्भाधान के