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सर्वकोश
वरिवस्यारहस्य (भास्करराय मखी - सरोजिनी हिन्दी व्याख्या, कामकला व श्रीविद्या मन्त्र-दर्शन)

वरिवस्यारहस्य (भास्करराय मखी - सरोजिनी हिन्दी व्याख्या, कामकला व श्रीविद्या मन्त्र-दर्शन)

Varivasyarahasya of Bhaskararaya with Sarojini Hindi Commentary

भास्करराय मखी (टीकाकार: डॉ. श्यामकान्त द्विवेदी आनन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished530 पृष्ठ

पृष्ठ 190, कुल 530 में से

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पृष्ठ 190

८८ वरिवस्यारहस्ये
श्रीविद्या के विभिन्न रूप
श्रीविद्या के विभिन्न स्वरूप विभिन्न सम्प्रदायों को दृष्टि में रखने पर
श्रीविद्या के विभिन्न स्वरूप इस प्रकार निर्मित होंगे—

[चक्रान्तर्गत विद्या-मन्त्र-स्वरूप :]
१. वैष्णवीविद्या : ह स क ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं ह स क ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं ह स क ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं
२. षण्मुखीविद्या : ह स क ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं...
३. नन्दिविद्या : ह स क ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह्रीं क्रीं क्रीं क्रीं क्रीं क्रीं क्रीं क्रीं क्रीं...
४. कौबेरीविद्या : ह स क ल ह्रीं सोऽहं क्रीं हंसः ह्रीं हंसः सोऽहं हंसः ह स क ए ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं...
५. मानवीविद्या : ह स क ल ह्रीं क्रीं लँ ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सोऽहं क्रीं हंसः ह्रीं हंसः सोऽहं हंसः...
६. लोपामुद्रा विद्या : ह स क ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं ह स क ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं...
७. शक्तिशिवविद्या : ह स क ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं ह स क ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं...
८. आदिविद्या : क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं ह स क ल ह्रीं
९. क्रोधमुनीविद्या : ह स क ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं
१०. चान्द्रीविद्या : ह स क ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं
११. अगस्त्य विद्या : क ए ई ल ह्रीं ह स क ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं
१२. प्रभाकरीविद्या : ह स क ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं क ए ई ल ह्रीं
१३. परमशिवविद्या : सो हं

[चक्र-निर्देशित विद्या-नामावली :]
वैष्णवीविद्या
षण्मुखीविद्या
नन्दिविद्या
कौबेरीविद्या
मानवीविद्या
लोपामुद्रा विद्या
शक्तिशिवविद्या
आदिविद्या
क्रोधमुनीविद्या
चान्द्रीविद्या
अगस्त्य विद्या
प्रभाकरीविद्या
परमशिवविद्या