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सर्वकोश
वरिवस्यारहस्य (भास्करराय मखी - सरोजिनी हिन्दी व्याख्या, कामकला व श्रीविद्या मन्त्र-दर्शन)

वरिवस्यारहस्य (भास्करराय मखी - सरोजिनी हिन्दी व्याख्या, कामकला व श्रीविद्या मन्त्र-दर्शन)

Varivasyarahasya of Bhaskararaya with Sarojini Hindi Commentary

भास्करराय मखी (टीकाकार: डॉ. श्यामकान्त द्विवेदी आनन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished530 पृष्ठ

पृष्ठ 137, कुल 530 में से

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प्रथमोऽंशः ३५
┌──────────┐
│ परा संवित् │
└──────────┘
[ शिवतत्त्व ]
शिवतत्त्व | शक्तितत्त्व
( उन्मनी शक्ति ) | ( समनी शक्ति )
[ विद्यातत्त्व ] [ शुद्ध तत्त्व ]
अहं — (अहं इदं) — इदं
मन्त्र महेश्वर | सादाख्य तत्त्व ( नादशक्ति )
अहं — (अहं इदं) — इदं (ईश्वर तत्त्व)
मन्त्रेश्वर | ( बिन्दुशक्ति )
सद्विद्या से नीचे एवं
माया
से ऊपर विज्ञानाकल : (अहं इदं) सद्विद्यातत्त्व
मन्त्र और ८ विद्येश्वर
[ आत्मतत्त्व ] [ शुद्धाशुद्ध तत्त्व ]
माया में प्रलयाकल
पुरुष | प्रकृति
ब्रह्मा से सब (अहं) (इदं)
बद्ध जीवों =
सकल
[ अशुद्धतत्त्व ]
बुद्धि से
पृथ्वी तत्त्व
पर्यन्त
इ द म ह म्
अ ह मि द म्
अहमस्मि ← ┌───────────┐
(पूर्णाहन्ता) │ मूल तात्विक │
│ सृष्टिस्तर │
└───────────┘